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सूक्ष्म ऋण योजना

उद्देश्य

लक्षित वर्ग द्वारा छोटे उद्यम स्थापित करने हेतु निगम द्वारा सूक्ष्म ऋण योजना का आरम्भ किया गया है जो राज्य चैनेलाइजिंग एजेंसियों के माध्यम से संचालित है।  अपेक्षा की जाती है कि राज्य चैनेलाइजिंग एजेंसियों द्वारा ऋण का वितरण स्वयं सेवा समूहों के माध्यम से किया जाएगा।

स्वयं सहायता समूह

स्वयं सेवा समूह छोटे एकरुपी व्यक्तियों का एक समूह है जो अपनी बचतों को एक सामान्य निधि में जमा करते हैं तथा सर्वसम्मति से समूह के व्यक्ति/व्यक्तियों की सहायता करते हैं।

राज्य चैनेलाइजिंग एजेंसियों अपने फील्ड अधिकारियों के द्वारा लक्षित वर्गों को प्रोत्साहित करने एवं स्वयं सहायता समूहों के गठन में अहम भूमिका निभा सकते हैं तथा एन.बी.सी.एफ.डी.सी. की माइक्रो फाइनेन्स योजना के अन्तर्गत वित्तीय सहायता प्राप्त करा सकते हैं।

योजना के प्रमुख बिन्दु

  • प्रति लाभार्थी अधिकतम ऋण सीमा                               रु. 50,000/-
  • स्वयं सेवा समूह में व्यक्तियों की अधिकतम संख्या           20

योजना का क्रियान्वयन

प्रमुखतः ऐसे क्षेत्रों में जो अब-तक इस प्रकार की योजनाओं से वंचित रह गए हैं, ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में राज्य चैनेलाइजिंग एजंसियों के माध्यम से सीधे अथवा स्वयं सेवा समूहों के माध्यम से यह योजना लागू की जाती है।

लाभार्थी की पात्रता

केन्द्र / सरकार राज्य द्वारा अधिसूचित पिछड़े वर्गो के  सदस्य जो दोहरी गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे हैं अर्थात जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय ग्रामीण क्षेत्रों मे 98,000/- रू. तथा शहरी क्षेत्रों में 1,20,000/-रू. से कम है। किसी स्वयं सहायता समूहों में 75% सदस्य पिछड़े वर्गो से तथा शेष 25% अनुसूचित जाति/ जनजाति सहित, अल्पसंख्यक एवं विकलांग व्यक्ति हो सकते हैं।

वित्तीय प्रणाली

(i)            एन0बी0सी0एफ0डी0सी0 ऋण                              -              90%
(ii)           एस0सी0ए0 ऋण                                                 -              05%
(iii)          लाभार्थी अंश                                                        -              05% 

ऋण उपभोग अवधि

वितरण तिथि से 4 माह.

ब्याज दर

एन.बी.सी.एफ.डी.सी. से एस.सी.ए.                                                     2% वार्षिक
एस.सी.ए. से लाभार्थी                                                                         5% वार्षिक

पुनर्भुगतान

योजना के अनुसार ऋण का पुनर्भुगतान तिमाही किस्तों के आधार पर 48 माह में किया जाना है (मूल राशि की वसूली पर छह माह की मॉरेटियम अवधि को सम्मिलित करते हुए)

 


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