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मॉनिटरिंग एवं मूल्यांकन

एनबीसीएफडीसी  योजनाओं की मूल स्तर पर मॉनिटरिंग एवं मूल्यांकन निगम की एक विशिष्टता है। एस सी ए को भी योजनाओं की उचित क्रियान्वयन के लिए मैकेनोजिम को सशक्त करने सहित मॉनिटरिंग की भी सलाह दी जाती है। तीसरी पार्टी मूल्यांकन स्वतंत्र एजेंसियो के माध्यम से किया जाता है। वर्ष 2014-15 में पी डब्लू ओ एस सी जी आई पी ई द्वारा 14 राज्यों में मूल्यांकन अध्ययन किया गया है।

मूल्यांकन अध्ययनों के निष्कर्ष (2014-15

मुख्य मापदण्ड

लक्ष्य

उपलब्धि

i)          निरीक्षित लाभार्थियों की कुल सं.

9060

10080

ii)         जिस उद्देश्य के लिए ऋण लिया गया था उसी के लिए प्रयोग करने वाले लाभार्थियों का प्रतिशत

80%

96%

चालू योजनाओं का मूल्यांकन

वर्ष 2015-16 में अध्ययन का उद्देश्य पिछले पांच वर्षो के दौरान 1 लाख रू. तथा इससे अधिक ऋण लेने वाले लाभार्थियों के संबंध में अलग रिपोर्ट प्रस्तुत कर यह पता लगाना है कः 

  • निरीक्षण के दौरान लाभार्थियों का प्रतिशत जिन्होंने सहायता का प्रयोग उसी उद्देश्य के लिए किया जिसके लिए  इसे लिया गया था।
  • निरीक्षण के दौरान पाए गए लाभार्थियों का प्रतिशत जिनके पास से सृजित की गई सम्पदा पाई गई है।
  • निरीक्षण के दौरान पाए गए लाभर्थियों का प्रतिशत जो ऋण प्राप्त करने से पहले गरीबी रेखा से नीचे थे, जिसे उन्होंने पार कर लिया तथा दोहरी गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे थे, उन्होंने दोहरी गरीबी रेखा पार कर ली है।
  • ऋण / प्रशिक्षण का लाभ उठाने के पश्चात लाभार्थी/ प्रशिक्षणार्थी के आय के स्तर पर पड़ा प्रभाव 
  • क्या प्रदान किया गया कौशल, बाजार में नौकरी प्राप्त करने की जरूरतों के लिए उपयुक्त था?
  • ऋण का लाभ लेने के पश्चात ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों में (अलग - अलग तथा दोनों का  मिलाकर) आय के स्तर में  वृद्धि का प्रतिशत 
  • एस सी ए भी अपने राज्यों में मूल्यांकन अध्ययन करवाते समय इन मापदण्डों पर विचार कर सकती है।

 


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