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स्कीम फ्लायर

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स्कीम्स फ्लायर (स्किल)

उद्देश्यः-

एन.बी.सी.एफ.डी.सी लक्ष्य समूह के पात्र सदस्यों को कौशल विकास प्रशिक्षण की सुविधा प्रदान करता है ताकि वे स्व-रोजगार या वेतन रोजगार के माध्यम से विकासात्मक कार्यकलापों से जुड़ सकें। प्रशिक्षण तकनीकी और उद्यमियता कौशन के उन्नयन हेतु सामान्य मानकों के अनुसार सरकारी प्रशिक्षण संस्थानों/संगठनों कौशल विकास एवं उद्यमियता मंत्रालय द्वारा गठित सेक्टर स्किल काउंसिल और ऐसे प्रतिष्ठित प्रशिक्षण संस्थान जो राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) और / या सेक्टर स्किल काउंसिल (SSCs) से संबद्ध हैं व जिन्होनें NBCFDC के साथ समझौता ज्ञापन हस्ताक्षारित किया है, के माध्यम से आयोजित किया जाता है।

पात्रताः-

एन.बी.सी.एफ.डी.सी के लक्षित समूह जिन्हें विशेष रूप से निम्नानुसार श्रेणीकृत एवं प्रमाणित किया गया है, को प्रशिक्षण प्रदाना किया जा सकता हैः-

  • लाभार्थी राज्य और या केंद्र सरकार की सूची के अंतर्गत अन्य पिछड़ा वर्ग जिनकी पारिवारिक वार्षिक आय रु 3 लाख से कम हौ अथवा गैर-अधिसूचित, घुमंतु और अर्धघुमंतु (DNT) जनजाति के समुदाय का हो, अथवा आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग (EBC) का हो अथवा वरिष्ठ नागरिक अथवा ट्रांसजेंडर अथवा भिखारी समुदाय अथवा मादक पदार्थों के सेवन से पीड़ित होने चाहिए।
  • ओ.बी.सी के मामले में www.ncbc.gov.in वेबसाइट में दर्शाए गई केंद्र सूची से या राज्य सरकार की सूची से ओ.बी.सी जाति के पुष्टि की जा सकती है। सभी स्त्रोतों से वार्षिक पारिवारिक आय 3.00 लाख रुपये से कम होना चाहिए।
  • ई.बी.सी के मामले में, कोई जाति प्रमाण पत्र आवश्यक नहीं होगा, हालांकि, सभी स्त्रोतों से वार्षिक पारिवारिक आय 1.00 लाख रुपये से कम होनी चाहिए।
  • जैसा कि b) और c) में पारिभाषित किया गया है, वार्षिक पारिवारिक आय के अनुपालन के लिए, राज्य सरकार के उचित प्राधिकारी द्वारा जारी वार्षिक पारिवारिक आय प्रमाण पत्र या स्वयं प्रमाणित प्रमाणपत्र जो कि सम्बंथित सरकार द्वारा अधिकृत राजपत्रित अधिकारी द्वारा पृष्ठांकित हो, विधिवत स्वीकार्य होगा। यह विशेष रूप से स्पष्ट किया जाता है कि सार्वजनिक प्रतिनिधियों, ग्राम प्रधान, सरपंच, पार्षद, नोटरी इत्यादि द्वारा पृष्ठांकन स्वीकार्य नहीं होगा।
  • डी.एन.टी. समुदाय के मामले में, उनकी बेहद वंचित और प्रवासी प्रकृति को देखते हुए, जाति प्रमाण पत्र के आग्रह, आय प्रमाण पत्र, उम्र और स्थायी पते के साक्ष्य के लिए छूट दी गई है। इसकी अनुपस्थिति में, प्रशिक्षण प्रदाता उम्मीदवार से स्वं-घोषणा के रूप में उसकी विशिष्ट जाति, जन्म तिथि तथा पते हेतु अंडरटेकिंग ले सकते हैं जो कि उनके समुदाय/क्लस्टर के स्थानीय प्रधान द्वारा पृष्टांकित किया गया हो। हालांकि, प्रशिक्षण प्रदाता द्वारा इसकी पुष्टि की जानी अनिवार्य है कि उम्मीदवार की जाति डीएनटी आयोग की रिपोर्ट के अनुलग्नक-VII में पारिभाषित डी.एन.टी. श्रेणी के तहत आती है। डी.एन.टी. के मामलें में कोई आय प्रमाण पत्र आवश्यक नहीं होगा।
  • वरिष्ठ नागरिकों के मामलें में, उम्र 60 वर्ष या उससे अधिक होना चाहिए। उम्र वैध प्रमाण पत्र जैसे शिक्षा योग्यता प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस इत्यादि के माध्यम से प्रमाणित की जानी चाहिए। वरिष्ठ नागरिकों के लिए कोई जाति या आय से सम्बंधित मानदंड नहीं है।
  • ट्रांसजेंडर के मामलें में, जाति श्रेणी और आय सीमा के लिए छूट दी गई है। ट्रांसजेंडर समुदाय के सदस्य को जिला स्क्रीनिंग कमेटी जिसमें मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, मनोवैज्ञानिक या मनोचिकित्सा और ट्रांसजेंडर समुदाय के प्रतिनिधि शामिल होगें, की अनुशंसा के आधार पर जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी पहचान का प्रमाण पत्र प्राप्त करना होगा।
  • भिखारियों के मामले में, द बाँम्बे प्रिवेशन आफ बेगिंग एक्ट, 1959 में परिभाषित व्यक्ति इस प्रकार होना चाहिए जो निम्न में से एक या एक से अधिक कार्यों में लगा होः
  1. किसी सार्वजनिक स्थान पर, गायन, नृत्य, भाग्य बताने, तमाशा दिखाने या बिक्री के लिए कोई वस्तु प्रस्तुत करने हेतु दान के लिए याचना करना या प्राप्त करना, चाहे वह कोई ढोंग है या नहीं।
  2. याचना करने या दान प्राप्त करने के उद्देश्य से किसी भी निजी परिसर में प्रवेश करना।
  3. किसी चोट, विकृति या बीमारी चाहे वह इंसान का हो या किसी जानवर का, उजागर करके या प्रदर्शित करके दान माँगना,
  4. निर्वाह हेतु कोई साधन न होना तथा सार्वजनिक स्थान पर इस प्रकार निर्वाह करना या भटकना जिससे यह संभावना हो कि ऐसा करने वाला व्यक्ति याचना या भिक्षा प्राप्त करके ही निर्वाह कर पा रहा है
  5. स्वयं को याचना या दान प्राप्त करने के उद्देश्य से प्रदर्शन के रूप में उपयोग करना
  • मादक पदार्थों के सेवन के पीड़ितों के मामलें में, उपचार क्लिनिक एकीकृत पुनर्वास केंद्र फार एडिक्ट्स (IRCA) द्वारा जारी किए गए किसी भी प्रमाण पत्र को स्वीकार किया जा सकता है।
  • वरिष्ठ नागरिकों को छोड़कर सभी श्रेणी के अभ्यर्थियों की आकलन/प्रमाणीकरण के समय न्यूनतम आयु 18 वर्ष होना चाहिए।
  • प्रवासी व्यक्तियों के मामले में उनके मूल राज्यों द्वारा जारी आय एवं जाति प्रमाण-पत्र स्वीकार किए जा सकते हैं।

नोटः पात्रता मानदंड मोटे तौर पर प्रासंगिक सरकारी दिशानिर्देश/आदेशों के अनुसार समय-समय पर जारी/सूचित किए जाएंगे।

 

प्रशिक्षण की अवधिः-

नये कोर्सः कम से कम 200 घण्टे अथवा राष्ट्रीय व्यवसायिक मानकों के अनुसार

कौशल उन्नयनः (रीस्किल्लिंग एवं आर.पी.एल. सहित): 32 से 80 घण्टे

अनुदान की राशिः-

  1. प्रशिक्षण कार्यक्रम की कुल प्रशिक्षण लागत या पाठ्यक्रम शुल्क का 100% एन.बी.सी.एफ.डी.सी द्वारा प्रदान किया जाएगा।
  2. मानदेय- एन.बी.सी.एफ.डी.सी के दिशा निर्देशों के तथा सम्मान्य मानकों के प्रासंगिक पैरा अनुसार, (निधि की उपलब्धता के अनुसार) प्रत्येक प्रशिक्षाणार्थी को प्रशिक्षण अवधि की समाप्ति पर रू. 1000/- प्रति माह की दर से छात्रवृत्ति दी जाएगी, जो केवल उन प्रशिक्षाणार्थियों को दी जाएगी जिनकी प्रत्येक महीने के अंत में उपस्थिति 80% और इससे अधिक है।
  3. Reskilling और RPL उम्मीदवारों के लिए जैसा कि MSDE के मानदंडों में शामिल किया गया है, के अनुसार भुगतान किया जाएगा।

पुनः कौशली करण (रीस्किल्लिंग) और ब्रिज कोर्सः-

एन.बी.सी.एफ.डी.सी का लक्षित समूह परम्परागत रूप से ओपचारिक/गैर-औपचारिक व्यवसाय/शिल्प में कार्यरत है। इस योजना के लक्ष्य उनके समूहों के स्थानों पर उनके कौशल का विकास करना व उनकी गतिविशियों से सम्बंधित प्रमाण पत्र उपलब्ध कराना है ताकि प्रशिक्षण अवधि के दौरान उनकी आजीविका का नुकसान न हो।

सफल प्रशिक्षणार्थी एन.बी.सी.एफ.डी.सी की ऋण योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं।

अधिक जानकारी तथा आनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिये निगम की वेबसाइट www.nbcfdc.gov.in देखें।

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